Dhat Girna Ki Samasya ka Desi Gharelu Samadhaan

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‘धात गिरना’ की समस्या का देसी घरेलू समाधान

धातु रोग-

बिना इच्छा के मल-मूत्र के समय हल्का-सा जोर लगाने पर पतला-पतला द्रव्य निकल जाता है, जिसे धातु रोग कहते हैं। धातु जाने की समस्या को शुक्रमेह के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन ये होता किस वजह से है, यह बात समझना भी सरल है।
वीर्य प्रमेह कोई बीमारी नहीं है। इस समस्या में केवल होता यह है कि जब आप ज्यादा कामुक हो जाते हो या अश्लीली विचार आपके मन में आने लगते हैं, तो आपके शिश्न(लिंग) में एकाएक कसाव आने लगता है, उत्थान आने लगता है। ऐसे में बिना शिश्न स्पश के भी शिश्न से सफेद वीर्य की तरह या पानी की तरह धारा-सी आती है और ये धारा बहुत कम होने के कारण ये आपके शिश्न मुख से बाहर नहीं आ पाती। मगर जब आपका शिश्न काफी से उत्थित अवस्था में हो, तो वो धारा पानी जैसी आपके शिश्न के मुख द्वार से बाहर आ जाती है। इसी के कारण आपके वीर्य की मात्रा कम होने लगती है और ये आपकी सेक्स समस्या बन जाती है।

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धातु रोग के कारण-

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1. दिमागी कमजोरी होने से आपको अपने आप पर कंट्रोल करना मुश्किल होता है।

2. हर वक्त किसी न किसी अश्लील व गलत बातों के बारे में सोचते रहना।

3. मर्दों का वीर्य बहुत ज्यादा पतला होना।

4. कामुक विचारों के कारण अत्यधिक हस्तमैथुन करने से भी धातु गिरने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

5. किसी पुरानी बीमारी के चलते अधिक मात्रा में दवाओं का सेवन करने से भी धात रोग हो जाता है।

6. विटामिन्स की कमी के कारण भी शिश्न से पानी जैसा द्रव्य निकलने की समस्या पैदा हो जाती है।

7. लिंग की नसों की कमजोरी के कारण भी यह समस्या पुरूषों को हो जाती है।

धातु रोग के लक्षण-

1. वीर्य का पतला होना।

2. लिंग के मुंह से लार टपकती है।

3. शरीर में कमजोरी होती है।

4. हमेशा नर्वस रहना।

5. पेट साफ न होना, कब्ज़ का होना।

6. शारीरिक दुर्बलता के कारण शरीर का हिस्सा कांपने लगता है।

7. चक्कर आने लगता है।

8. पेशाब के वक्त वीर्य निकलना।

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धातु रोग के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय-

1. तुलसी अश्वगंधा की मदद से:

तुलसी की जड़ को अच्छी तरह सुखाकर उसका चूर्ण बनाकर इस चूर्ण को एक ग्राम की मात्रा में लें और एक ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण में मिक्स करके खायें और ऊपर से दूध पी जायें, इससे आपको बहुत फायदा होगा।

2. इलायची तुलसी और मिश्री की मदद से:

इस आयुर्वेदिक उपाय के लिए आपको 50 ग्राम इलायची लेकर और 15 से 20 तुलसी के पत्तों को व 20 ग्राम मिश्री का क्वाथ बनाकर इसको पीने से वीर्य प्रमेह का इलाज होता है।

3. उड़द की दाल से धातु रोग उपचार:

20 ग्राम उड़द की दाल का आटा करके उस आटे को गाय के दूध में उबाल लें और फिर इसमें थोड़ी मात्रा में घी मिक्स करके कुनकुना ही पीना है और इसका सेवन रोज करने से पेशाब की नली से धातु का स्राव का इलाज पूरी तरह से हो जायेगा।
इसके अलावा उड़द की दाल को पीसकर उसे खांड में भुन लिया जाये और खांड में मिलाकर खायें तो भी जबरदस्त लाभ जल्दी ही मिलता है। उड़द की दाल सेक्स पाॅवर बढ़ाने और उसकी समस्या को दूर करने में बहुत सहायक होती है।

4. आंवला से इलाज:

रोज सुबह आंवले का जूस यानी कि आंवला का रस खाली पेट 2 चम्मच आंवले के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से जल्द ही धात रोग ठीक होने लगता है।
इसके अलावा सुबह-शाम आंवले के चूर्ण को दूध में मिलाकर सेवन करने से भी धात रोग में बहुत आराम मिलता है।

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